<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-14529892</id><updated>2012-01-13T23:44:56.450-08:00</updated><title type='text'>तुषार साहित्य</title><subtitle type='html'></subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://pustkain.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/14529892/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pustkain.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><author><name>डा० व्योम</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='30' src='http://4.bp.blogspot.com/-HNGbFMXWTg0/ToqUw90EvLI/AAAAAAAAA_4/6Fw96pM3674/s220/vyom.jpg'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>4</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-14529892.post-112964943504630510</id><published>2005-10-18T08:19:00.000-07:00</published><updated>2009-04-19T06:00:25.554-07:00</updated><title type='text'>परिचय</title><content type='html'>&lt;a href="http://photos1.blogger.com/blogger/7060/986/1600/tushar%20photo.jpg"&gt;&lt;img style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand" alt="" src="http://photos1.blogger.com/blogger/7060/986/200/tushar%20photo.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;नित्यानन्द तुषार&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;जन्म-&lt;/span&gt; 31-10-1963&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;माँ-&lt;/span&gt; श्रीमती अनसुइया देवी&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;पिता-&lt;/span&gt; स्व॰ श्री कान्ती प्रसाद शर्मा&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;शिक्षा-&lt;/span&gt; एम.ए.(हिन्दी)&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;प्रकाशन-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;सन् 1979 से देश के लगभग सभी महत्वपूर्ण साहित्यिक, व्यावसायिक(60 से अधिक) पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन हुआ।निम्न संकलनों में संकलित-( १) नवीनतम हिन्दी ग़जलें (२) रंगारंग मुशायरा (३) सब रंग (४) लोकप्रिय हिन्दी ग़जलें (५) हिन्दी की चर्चित ग़जलें (६) साद्रश्य (७) गाजियाबाद के साहित्यकार(८) नई सदी के प्रतिनिधि ग़जलकार (९) ग़जल से ग़जल तक (१०) ख़ूबसूरत ग़जलें (११) नया ज़माना नई ग़जलें (१२) बेमिसाल ग़जले (१३) ग़जले हिन्दुस्तानी (१४) शेर ही शेर (१५) चुने हुए शेर (१६) रंगा रंग दोहे (१७) हाइकु-1999&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;मौलिक संग्रह-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;* दूरियों के दिन (प्रथम संस्करण-1992, द्वितीय संस्करण 2000)&lt;br /&gt;* सितम की उम्र छोटी है (प्रथम संस्करण-1996, चतुर्थ संस्करण 2005)&lt;br /&gt;* वो ज़माने अब कहाँ (प्रथम संस्करण-2000, चतुर्थ संस्करण 2004)&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;संपादित संग्रह-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;*हिन्दी के तीन ग़जलकारों के प्रथक प्रथक संग्रह&lt;br /&gt;*बेमिसाल ग़जलें.खूबसूरत ग़जलें, आधुनिक ग़ज़लें &lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;प्रसारण-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;*आकाशवाणी दिल्ली के युववाणी कार्यक्रम में (1979 से 1995 तक)&lt;br /&gt;*आकाशवाणी दिल्ली के कार्यक्रम 'स्वर बेला' एवं 'साहित्यिकी' में काव्यपाठ *आकाशवाणी लखनऊ के कार्यक्रम 'गीत माधुरी' में काव्यपाठ&lt;br /&gt;*आकाशवाणी दिल्ली की विदेश प्रसारण सेवा में काव्यपाठ&lt;br /&gt;*आकाशवाणी आगरा के कार्यक्रम में काव्यपाठ&lt;br /&gt;*आकाशवाणी मुम्बई के कार्यक्रम में काव्यपाठ&lt;br /&gt;*आकाशवाणी मुम्बई द्वारा आयोजित स्वाधीनता की स्वर्ण जयन्ती पर आयोजित कवि सम्मेलन भी काव्यपाठ&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;सुगम संगीत-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;*आकाशवाणी दिल्ली ने सुगम संगीत हेतु गीत लिये रिकार्ड किये समय समय प्रसारण *आकाशवाणी दिल्ली द्वारा स्पेशल रिकार्डिग भी की गई&lt;br /&gt;*लखनऊ दूरदर्शन के कार्यक्रम हस्ताक्षर में 20 मिनट का साक्षात्कार प्रसारित उसमें गीत भी पढ़े तथा उन्हीं गीतों की संगीतात्मक प्रस्तुति लखनऊ दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा की गई।&lt;br /&gt;* &lt;strong&gt;तेरी चाहत &lt;/strong&gt; म्युजिक एलवम के गीत लिखे&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;टी.वी.सीरियल-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;*टी.वी.सीरियल 'एनरायड ज्वाला' का शीर्षक गीत लिखा जो कि तीन जनवरी को 1999 से उत्तर प्रदेश चैनल(दूरदर्शन) से प्रसारित हुआ एन॰डी॰टी॰वी॰ के कार्यक्रम अर्ज किया है' में काव्य पाठ सब टी॰वी॰ के कार्यक्रम 'वाह-वाह, 'लाइव इण्डिया, दूरदर्शन (डी॑ डी॑-1) पर काव्य-पाठ।&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;सेमीनार-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;सेमीनार चर्चा गोष्ठियों में सक्रिय सहभागिता&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;कवि सम्मेलन-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, कानपुर, पटना, चितरंजन, भिलाई सहित देश के अनेक नगरों में काव्य पाठ तथा श्रोताओं का भरपूर प्यार। हिन्दी काव्य मंच पर सशक्त ग़जलकार के रूप में श्रोताओं का प्यार। हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में कई बार आमंत्रित। विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ।&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;विशेष-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;ससंद से सड़कों तक अनेक शेंर लोगों की ज़बान पर हैं बहुधा उल्लेख किया जाता है। वरिष्ठ नेता श्री विजय कुमार मल्होत्रा द्वारा संसद में कवि की निम्न पंक्तियाँ प्रधानमंत्री माननीय श्री नरसिंहा राव जी को सुनाई गई-&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;तुम्हें ख़ूबसूरत नज़र आ रहीं हैं &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;ये राहें तबाही के घर जा रहीं हैं।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;साहित्य आकादमी दिल्ली के हू-ज-हू आफ इण्डियन राइटर्स में उल्लेख सहित ऐशिया पैसिफिक, व अन्य अनेक डाइरेक्ट्रीज में उल्लेख&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;संपादन-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;साहित्यिक पत्रिका 'वंशिकालय' का संपादन&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;पुरस्कार- &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;ए॰बी॰आई॰ रिसर्च बोर्ड यू.एस.ए. द्वारा 'मैन आफ दि इयर'।&lt;br /&gt;देश में काई नहीं।&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;अन्य-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;कवि सम्मेलन संयोजक। प्रारम्भ प्रकाशन गाज़ियाबाद के परामर्श दाता।&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#990000;"&gt;सम्पर्क-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;आर-64, सैक्टर-12&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;प्रताप विहार&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;गाज़ियाबाद201009 (उ.प्र)&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#000099;"&gt;दूरभाष- 0120-2742464&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#000099;"&gt;मोबा॰- 9968046643&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;जालघर - &lt;a href="http://www.nityaanandtushar.blogspot.com"&gt;www.nityaanandtushar.blogspot.com&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;ई मेल-    &lt;a href="mailto:nityanandtushar@yahoo.co.in"&gt;nityanandtushar@yahoo.co.in&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div align="center"&gt;&lt;a href="http://www.nityaanandtushar.blogspot.com"&gt;मुखपृष्ठ पर पहुँचें&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/14529892-112964943504630510?l=pustkain.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pustkain.blogspot.com/feeds/112964943504630510/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=14529892&amp;postID=112964943504630510' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/14529892/posts/default/112964943504630510'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/14529892/posts/default/112964943504630510'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pustkain.blogspot.com/2005/10/blog-post_112964943504630510.html' title='परिचय'/><author><name>डा० व्योम</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='30' src='http://4.bp.blogspot.com/-HNGbFMXWTg0/ToqUw90EvLI/AAAAAAAAA_4/6Fw96pM3674/s220/vyom.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-14529892.post-112964475683265790</id><published>2005-10-18T07:09:00.000-07:00</published><updated>2005-10-19T06:31:50.686-07:00</updated><title type='text'>दूरियों के दिन</title><content type='html'>&lt;a href="http://photos1.blogger.com/blogger/7060/986/1600/doriyon%20ke%20din.jpg"&gt;&lt;img style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; CURSOR: hand; TEXT-ALIGN: center" height="158" alt="" src="http://photos1.blogger.com/blogger/7060/986/200/doriyon%20ke%20din.jpg" width="103" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;(दूरियों के दिन&lt;/span&gt; [गज़ल संग्रह] &lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;प्रथम संस्करण- 1992 &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;द्वितीय संस्करण- 2000&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;'दूरियों के दिन' गज़ल-संग्रह से नित्यानन्द तुषार की कुछ गज़लें-&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;&lt;/p&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;[1]&lt;br /&gt;ज़िन्दगी में जब हमारी ज़िन्दगी आने लगी&lt;br /&gt;तब उदासी घर हमारा छोड़कर जाने लगी&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;उँगलियों से छू दिया जिस चीज़ को तुमने ज़रा&lt;br /&gt;सच कहें तो चीज़ वो मन को बहुत भाने लगी&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सुर्ख होंठों से लगाकर जिनको तुम केवल पढ़ो&lt;br /&gt;ख़त बहुत ऐसे तुम्हारी याद लिखवाने लगी&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तुम न जब तक मिल सके थे पत्थरों-सी मौन थी&lt;br /&gt;तुम मिले तो ज़िन्दगी की कोकिला गाने लगी&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्यार का जब नाम लोगों ने लिया था एक दिन&lt;br /&gt;तब तुम्हारी छवि उभरकर और मुस्काने लगी&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;होश भी उड़ ही गए थे एक दिन उस बाग में&lt;br /&gt;जब तुम्हारी साँस मेरे पाँव बहकाने लगी&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[2]&lt;br /&gt;हम भटकते हैं पर अब वफ़ा के वास्ते&lt;br /&gt;चोट खाते हैं बहुत हम इस ख़ता के वास्ते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिसका बच्चा भूख से बेहाल है उस हाल में&lt;br /&gt;दूध, मन्दिर ले गया क्यूँ देवता के वास्ते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चार दिन से उनकी बेटी कुछ अधिक बीमार थी&lt;br /&gt;बालकों की गुल्लकें तोडीं दवा के वास्ते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन सभी की चाल को पहचानती है अब नज़र&lt;br /&gt;दोस्ती करने लगे जो फिर दगा के वास्ते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बस ज़रा-सा फ़र्क उनमें और हममें है यही&lt;br /&gt;वो ख़िताबों के लिए हैं हम सज़ा के वास्ते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बन्द कमरे की घुटन में मन बहुत बेचैन है&lt;br /&gt;खिड़कियों को खोल दो ताज़ा हवा के वास्ते&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[3]&lt;br /&gt;जो रहे सबके लबों पर उस हँसी को ढूँढ़िए&lt;br /&gt;बँट सके सबके घरों में उस खुश़ी को ढूँढ़िए&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देखिए तो आज सारा देश ही बीमार है&lt;br /&gt;हो सके उपचार जिससे उस जड़ी को ढूँढ़िए&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;काम मुश्किल है बहुत पर कह रहा हूँ आपसे&lt;br /&gt;हो सके तो भीड़ में से आदमी को ढ़ूढ़िए&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हर दिशा में आजकल बारूद की दुर्गन्ध है&lt;br /&gt;जो यहाँ ख़ुशबू बिखेरे उस कली को ढूँढ़िए&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्यास लगने से बहुत पहले हमेशा दोस्तो&lt;br /&gt;जो न सूखी हो कभी भी उस नदी को ढूँढ़िए&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शहर-भर में हर जगह तो हादसों की भीड़ है&lt;br /&gt;हँस सकें हम सब जहाँ पर उस गली को ढूँढ़िए&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क़त्ल, धोखा, लूट, चोरी तो यहाँ पर आम हैं&lt;br /&gt;रहजनों से जो बची उस पालकी को ढूँढ़िए&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[4]&lt;br /&gt;धुंध-सी छाई हुई है आज घर के सामने&lt;br /&gt;कुछ नज़र आता नहीं है अब नज़र के सामने&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सिर कटाओ या हमारे सामने सजदा करो&lt;br /&gt;शर्त ये रख दी गई है हर बशर के सामने&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोचता हूँ क्यूँ अदालत ने बरी उसको किया&lt;br /&gt;क़त्ल करके जो गया सारे नगर के सामने&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देर तक देखा मुझे और फिर किसी ने ये कहा&lt;br /&gt;आज तो मुझको पढ़ो, मैं हूँ नज़र के सामने&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कल सड़क पर मर गए थे ठंड से कुछ आदमी&lt;br /&gt;देश की उन्नति बताते पोस्टर के सामने&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लौटना मत बीच से पूरा करो अपना सफ़र&lt;br /&gt;हल करो वो मुश्किलें जो हैं डगर के सामने&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[5]&lt;br /&gt;मुहब्बत की कहानी में सदा ये ही हुआ होगा&lt;br /&gt;खुश़ी, सपने, तड़प, आँसू, गम़ों का सिलसिला होगा&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;किसी की आँख में आँसू किसी के होंठ पर सरगम&lt;br /&gt;किसी का दिल जला होगा किसी का घर बसा होगा&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;युगों से हम भटकते हैं तुम्हारे वास्ते देखो&lt;br /&gt;तुम्हारा नाम दिल पर तो ख़ुदा ने ही लिखा होगा&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तुम्हें शायद कभी इस बात का अहसास भी होगा&lt;br /&gt;कि मर-मरकर यहाँ पर भी कभी कोई जिया होगा&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नहीं कोई कमी हममें जरा-सा फर्क ये होगा&lt;br /&gt;हमारे घर अँधेरा है वहाँ दीपक जला होगा&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;'तुषार' उसकी मुहब्बत का करिश्मा ये हुआ होगा&lt;br /&gt;न हो पाया जो उसका, वो, उसी का हो गया होगा&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[6]&lt;br /&gt;हमेशा पास रहते हैं मगर पल-भर नहीं मिलते&lt;br /&gt;बहुत चाहो जिन्हें दिल से वही अक्सर नहीं मिलते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ज़रा ये तो बताओ तुम हुनर कैसे दिखाएँ वो&lt;br /&gt;यहाँ जिन बुत-तरासों को सही पत्थर नहीं मिलते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हमें ऐसा नहीं लगता यहाँ पर वार भी होगा&lt;br /&gt;यहाँ के लोग हमसे तो कभी हँसकर नहीं मिलते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हमारी भी तमन्ना थी उड़ें आकाश में लेकिन&lt;br /&gt;विवश होकर यही सोचा सभी को पर नहीं मिलते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ग़ज़ब का खौफ छाया है हुआ क्या हादसा यारो&lt;br /&gt;घरों से आजकल बच्चे हमें बाहर नहीं मिलते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हकीकत में उन्हें पहचान अवसर की नहीं कुछ भी&lt;br /&gt;जिन्होंने ये कहा अक्सर, हमें अवसर नहीं मिलते&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[7]&lt;br /&gt;ख़ुद से बाहर अब निकलकर देखें&lt;br /&gt;दूसरों के गम़ भी चलकर देखें&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;टूटने पर टूट जाएगा दिल&lt;br /&gt;आप सपनों को सँभलकर देखें&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रोशनी देते रहे जो कल तक&lt;br /&gt;उनकी खात़िर आज जलकर देखें&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ये बहुत मुश्किल सही फिर भी हम&lt;br /&gt;इस जहाँ को ही बदलकर देखें&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उनको गिरने से बचा लेना तुम&lt;br /&gt;जो ये सोचें हम फिसलकर देखें&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[8]&lt;br /&gt;ज़िन्दगी की इक हक़ीकत आपसे कहता हूँ मैं&lt;br /&gt;बिजलियों के दरमियाँ ही रात-दिन रहता हूँ मैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तैरता है जिसका चेहरा मेरे दिल की झील में&lt;br /&gt;उसकी ख़ुशबू से महककर ही ग़ज़ल कहता हूँ मैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ख्व़ाब जब भी टूटते हैं ख़ुश्क पत्तों की तरह&lt;br /&gt;रेत की दीवार-सा तब एकदम ढहता हूँ मैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आँसुओं का है समन्दर मेरे दिल के बीच में&lt;br /&gt;लोग ऐसा सोचते हैं ख़ुश बहुत रहता हूँ मैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;है वही सब कुछ मेरा जिसके लिए मैं कुछ नहीं&lt;br /&gt;क्या बताऊँ किस तरह इस दर्द को सहता हूँ मैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मन मेरा पागल हवा था एक वो भी दौर था&lt;br /&gt;अब तो मन के साथ कमरे में पड़ा रहता हूँ मैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लौटकर बरसेंगे उसके प्यार के बादल 'तुषार'&lt;br /&gt;इस भरोसे में जुदाई की तपिश सहता हूँ मैं&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;div align="center"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;-नित्यानन्द तुषार&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.nityaanandtushar.blogspot.com"&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;मुखपृष्ठ पर पहुंचें&lt;/span&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/14529892-112964475683265790?l=pustkain.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pustkain.blogspot.com/feeds/112964475683265790/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=14529892&amp;postID=112964475683265790' title='4 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/14529892/posts/default/112964475683265790'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/14529892/posts/default/112964475683265790'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pustkain.blogspot.com/2005/10/blog-post_112964475683265790.html' title='दूरियों के दिन'/><author><name>डा० व्योम</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='30' src='http://4.bp.blogspot.com/-HNGbFMXWTg0/ToqUw90EvLI/AAAAAAAAA_4/6Fw96pM3674/s220/vyom.jpg'/></author><thr:total>4</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-14529892.post-112964397941457172</id><published>2005-10-18T06:55:00.000-07:00</published><updated>2005-10-23T01:25:32.393-07:00</updated><title type='text'>सितम की उम्र छोटी है</title><content type='html'>&lt;a href="http://photos1.blogger.com/blogger/7060/986/1600/sitam%20ki%20umra%20choti%20hai.jpg"&gt;&lt;img style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; CURSOR: hand; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://photos1.blogger.com/blogger/7060/986/200/sitam%20ki%20umra%20choti%20hai.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#990000;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#990000;"&gt;(सितम की उम्र छोटी है&lt;/span&gt; [गज़ल संग्रह] &lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;प्रथम संस्करण- 1996 &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;चतुर्थ संस्करण- 2005 &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;'सितम की उम्र छोटी है' गज़ल संग्रह से नित्यानन्द तुषार की कुछ गज़लें- &lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;&lt;/p&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;[1]&lt;br /&gt;मेरा अपना तजुर्बा है इसे सबको बता देना&lt;br /&gt;हिदायत से तो अच्छा है किसी को मशवरा देना।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अभी हम हैं हमारे बाद भी होगी हमारी बात&lt;br /&gt;कभी मुमकिन नहीं होता किसी को भी मिटा देना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नई दुनिया बनानी है नई दुनिया बसाएँगे&lt;br /&gt;सितम की उम्र छोटी है जरा उनको बता देना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अगर कुछ भी जले अपना बड़ी तकलीफ़ होती है&lt;br /&gt;बहुत आसान होता है किसी का घर जला देना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मेरी हर बात पर कुछ देर तो वो चुप ही रहता है&lt;br /&gt;मुझे मुश्किल में रखता है फिर उसका मुस्करा देना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;'तुषार' अच्छा है अपनी बात को हम खुद़ ही निपटा लें&lt;br /&gt;ज़माने की है आदत सिर्फ शोलों को हवा देना&lt;br /&gt;****&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[2]&lt;br /&gt;तुम्हें ख़ूबसूरत नज़र आ रही हैं&lt;br /&gt;ये राहें तबाही के घर जा रही हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अभी तुमको शायद पता भी नहीं है&lt;br /&gt;तुम्हारी अदाएँ सितम ढा रही हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कहीं जल न जाए नशेमन हमारा&lt;br /&gt;हवाएँ भी शोलों को भड़का रही हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हम अपने ही घर में पराये हुए हैं&lt;br /&gt;सियासी निगाहें ये समझा रही हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गल़त फ़ैसले नाश करते रहे हैं&lt;br /&gt;लहू भीगी सदियाँ ये बतला रही हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;'तुषार' उनकी सोचों को सोचा तो जाना&lt;br /&gt;दिलों में वो नफरत फैला रही हैं&lt;br /&gt;****&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[3]&lt;br /&gt;मैंने कुछ समझा नहीं था तुमने कुछ सोचा नहीं&lt;br /&gt;वरना जो कुछ भी हुआ है वो कभी होता नहीं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उससे मैं यूँ ही मिला था सिर्फ मिलने के लिए&lt;br /&gt;उससे मिलकर मैंने जाना उससे कुछ अच्छा नहीं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आप मानें या न मानें मेरा अपना है यक़ीन&lt;br /&gt;ख़ूबसूरत ख्व़ाब से बढ़कर कोई धोखा नहीं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जाने क्यूँ मैं सोचता हूँ उसको अब भी रात दिन&lt;br /&gt;मेरी ख़ातिर जिसके दिल में प्यार का जज़्बा नहीं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मेरी नज़रों से जुदा वो मेरे दिल में है 'तुषार'&lt;br /&gt;वो मेरा सब कुछ मैं जिसकी सोच का हिस्सा नहीं&lt;br /&gt;****&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[4]&lt;br /&gt;जो रिश्ते हैं हक़ीक़त में वो अब रिश्ते नहीं होते&lt;br /&gt;हमें जो लगते हैं अपने वही अपने नहीं होते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कशिश होती है कुछ फूलों में पर ख़ुशबू नहीं होती&lt;br /&gt;ये अच्छी सूरतों वाले सभी अच्छे नहीं होते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वतन की जो तरक़्क़ी है अभी तो वो अधूरी है&lt;br /&gt;वो घर भी हैं, दवाई के जहाँ पैसे नहीं होते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इन्हें जो भी बनाते हैं वो हम तुम ही बनाते हैं&lt;br /&gt;किसी मज़हब की साजिश में कभी बच्चे नहीं होते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सभी के पेट को रोटी, बदन पे कपड़े,सर पे छत&lt;br /&gt;बहुत अच्छे हैं ये सपने मगर सच्चे नहीं होते&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पसीने की सियाही से जो लिखते हैं इरादों को&lt;br /&gt;'तुषार' उनके मुक़द्दर के सफ़े कोरे नहीं होते&lt;br /&gt;****&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[5]&lt;br /&gt;हवा जब तेज़ चलती है तो पत्ते टूट जाते हैं&lt;br /&gt;मुसीबत के दिनों में अच्छे-अच्छे टूट जाते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहुत मजबूर हैं हम झूठ तो बोला नहीं जाता&lt;br /&gt;अगर सच बोलते हैं हम तो रिश्ते टूट जाते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहुत मुश्किल सही फिर भी मिज़ाज अपना बदल लो तुम&lt;br /&gt;लचक जिनमें नहीं होती तने वे टूट जाते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भले ही देर से आए मगर वो वक़्त आता है&lt;br /&gt;हक़ीक़त खुल ही जाती है मुखौटे टूट जाते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अभी दुनिया नहीं देखी तभी वो पूछते हैं ये&lt;br /&gt;किसी का दिल, किसी के ख्व़ाब कैसे टूट जाते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;'तुषार' इतना ही क्या कम है तुम्हें वो देखते तो हैं&lt;br /&gt;अगर कुछ रौशनी हो तो अँधेरे टूट जाते हैं&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[6]&lt;br /&gt;इश्क़ की इंतिहा हो गई&lt;br /&gt;एक सूरत ख़ुदा हो गई&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उनसे जैसे ही नज़रें मिलीं&lt;br /&gt;ज़िन्दगी ख़ुशनुमा हो गई&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उनको पाना करिश्मा हुआ&lt;br /&gt;बद्दुआ भी दुआ हो गई&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ये महुब्बत भी क्या चीज़ है&lt;br /&gt;धीरे-धीरे नशा हो गई&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जो हुआ भूल जाओ 'तुषार'&lt;br /&gt;उनकी सीरत पता हो गई&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[7]&lt;br /&gt;अधूरी ज़िन्दगी महसूस होती है&lt;br /&gt;मुझे तेरी कमी महसूस होती है&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुझे देखा, मुझे सोचा, मुझे भूले&lt;br /&gt;मुझे ये बात भी महसूस होती है&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हमेशा साथ रहने की क़सम खाई&lt;br /&gt;क़सम तेरी बड़ी भी महसूस होती है&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बदन तेरा है उसमें जान मेरी है&lt;br /&gt;तुझे क्या ये कभी महसूस होती है&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;'तुषार' उसको बहुत दिन से नहीं देखा&lt;br /&gt;इन आँखों में नमी महसूस होती है&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;div align="center"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#990000;"&gt;-नित्यानन्द तुषार&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="center"&gt;&lt;span style="color:#990000;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;a href="http://www.nityaanandtushar.blogspot.com"&gt;मुखपृष्ठ पर पहुँचें&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#990000;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;span style="color:#990000;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/14529892-112964397941457172?l=pustkain.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pustkain.blogspot.com/feeds/112964397941457172/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=14529892&amp;postID=112964397941457172' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/14529892/posts/default/112964397941457172'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/14529892/posts/default/112964397941457172'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pustkain.blogspot.com/2005/10/blog-post_18.html' title='सितम की उम्र छोटी है'/><author><name>डा० व्योम</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='30' src='http://4.bp.blogspot.com/-HNGbFMXWTg0/ToqUw90EvLI/AAAAAAAAA_4/6Fw96pM3674/s220/vyom.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-14529892.post-112963772181342717</id><published>2005-10-18T05:12:00.000-07:00</published><updated>2005-10-19T04:53:57.800-07:00</updated><title type='text'>वो ज़माने अब कहाँ</title><content type='html'>&lt;a href="http://photos1.blogger.com/blogger/4642/1738/1600/gazal2.jpg"&gt;&lt;img style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand" alt="" src="http://photos1.blogger.com/blogger/4642/1738/200/gazal2.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;br /&gt;(वो ज़माने अब कहाँ [गज़ल संग्रह]&lt;br /&gt;प्रथम संस्करण- 2000&lt;br /&gt;द्वितीय संस्करण- 2004 &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;'वो ज़माने अब कहाँ' गज़ल संग्रह से नित्यानन्द तुषार की कुछ गज़लें-&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#003333;"&gt;&lt;/p&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;[1]&lt;br /&gt;खुद़ को इतना ख़राब मत करना&lt;br /&gt;तू उसे बेनक़ाब मत करना&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;कोई गैऱों को कुछ नहीं देता&lt;br /&gt;अपनों से कुछ हिसाब मत करना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;टूटे दिल का इलाज क्या होगा&lt;br /&gt;मुझपे ऐसा अज़ाब मत करना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आग लगने लगे जिसे सुनकर&lt;br /&gt;फ़ैसला वो जनाब मत करना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चाहे कुछ भी 'तुषार' मिलता हो&lt;br /&gt;अपनी नीयत ख़राब मत करना&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[2]&lt;br /&gt;जिनके घर आइना नहीं होता&lt;br /&gt;उनको अपना पता नहीं होता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तब खुद़ा को ही याद करते हैं&lt;br /&gt;जब कोई रास्ता नहीं होता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वक़्त के सब गुलाम होते हैं&lt;br /&gt;उससे कोई बड़ा नहीं होता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सोचना है दिमाग से सोचो&lt;br /&gt;दिल से कुछ फ़ैसला नहीं होता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वक़्त हमको बुरा बनाता है&lt;br /&gt;शख्स़ कोई बुरा नहीं होता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ज़िन्दगी भर 'तुषार' क्या रोना&lt;br /&gt;उससे कुछ फ़ायदा नहीं होता&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[3]&lt;br /&gt;ये सफ़र कितना कठिन है रास्तों को क्या पता&lt;br /&gt;कैसे-कैसे हम बचे हैं हादसों को क्या पता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आँधियाँ चलतीं हैं तो फिर सोचतीं कुछ भी नहीं&lt;br /&gt;टूटते हैं पेड़ कितने आँधियाँ को क्या पता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अपनी मर्जी से वो चूमें, अपने मन से छोड़ दें&lt;br /&gt;किस क़दर बेबस हैं गुल ये तितलियों को क्या पता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;एक पल में राख कर दें वो किसी का आशियाँ&lt;br /&gt;कैसे घर बनता है यारो बिजलियों को क्या पता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आइने ये सोचते हैं सच कहा करते हैं वो&lt;br /&gt;उनके चेहरे पर हैं चेहरे आइनों को क्या पता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जाने कब देखा था उसको आज तक उसके हैं हम&lt;br /&gt;क़ीमती कितने थे वे पल उन पलों को क्या पता&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जैसे वो हैं हम तो ऐसे हो नहीं सकते 'तुषार'&lt;br /&gt;हम उन्हें भी चाहते हैं दुश्मनों को क्या पता&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[4]&lt;br /&gt;वक़्त लग जाएगा जगाने में&lt;br /&gt;लोग सोए हैं इस ज़माने में&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ख्व़ाब सबके हसीन होते हैं&lt;br /&gt;उम्र लगती है उनको पाने में&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दुश्मनों को भी मात करते हैं&lt;br /&gt;दोस्त कैसे हैं इस ज़माने में&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अब जो हमदर्द बनके आए हैं&lt;br /&gt;वो भी शामिल हैं घर जलाने में&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लोग इतना नहीं समझ पाते&lt;br /&gt;क्या बिगड़ता है मुस्कराने में&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सच को सच जो 'तुषार' कहते हैं&lt;br /&gt;वो ही रहते हैं अब निशाने में&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[5]&lt;br /&gt;अब न कोई मुगालता रखना&lt;br /&gt;अपने कद का पता सदा रखना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;घर सलामत रखे तुम्हारा जो&lt;br /&gt;दोस्तों से वो फ़ासला रखना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वक़्त के साथ मत बदल जाना&lt;br /&gt;प्यार के पेड़ को हरा रखना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दूर है जो क़रीब होगा वो&lt;br /&gt;अपने होठों पे बस दुआ रखना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मन्ज़िलों पर अगर नज़र है तो&lt;br /&gt;अपनी नज़रों में रास्ता रखना&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मिलना-जुलना 'तुषार' मुश्किल हो&lt;br /&gt;फ़ोन करने का सिलसिला रखना&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[6]&lt;br /&gt;मेरी आँखों से मेरे दिल में समाने वाला&lt;br /&gt;है कहाँ वो मेरे दिन रात सजाने वाला&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जब भी मिलना हो किसी से ज़रा दूरी रखना&lt;br /&gt;जान ले लेता है सीने से लगाने वाला&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बद्दुआओं का असर रंग दिखाता ही है&lt;br /&gt;ख़ुश न रह पाएगा औरों को सताने वाला&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देखते जाओ अभी और यहाँ क्या होगा&lt;br /&gt;वक़्त कैसा है ये रिश्तों को जलाने वाला&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्या वतन आग की लपटों में जलेगा यूँ ही&lt;br /&gt;कोई दिखता ही नहीं आग बुझाने वाला&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जो भी मिलता है वो कुछ दिन में बिछड़ जाता है&lt;br /&gt;कोई मिलता ही नहीं साथ निभाने वाला&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वो जो मिल जाए तो कहना ये 'तुषार' उससे तुम&lt;br /&gt;कितना बिखरा है तेरे ख्व़ाब सजाने वाला&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[7]&lt;br /&gt;मुहब्बत की बारिश में भीगा हुआ हूँ&lt;br /&gt;तेरे बाद भी तुझमें डूबा हुआ हूँ&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हुआ कैसा जादू अचानक ये मुझ पर&lt;br /&gt;तुझे देखते ही मैं तेरा हुआ हूँ&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वो इक पल का मिलना बिछड़ना सदा का&lt;br /&gt;ज़रा देख मैं कितना बिखरा हुआ हूँ&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तेरी ख़ुशबू से मैं महकता हूँ हर पल&lt;br /&gt;तेरा ख्व़ाब हूँ पर मैं टूटा हुआ हूँ&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुलाक़ात जिस मोड़ पर हो गई थी&lt;br /&gt;अभी भी वहीं पर मैं ठहरा हुआ हूँ&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;'तुषार' उसका हँसना बहुत याद आए&lt;br /&gt;कोई उससे कह दे मैं उलझा हुआ हूँ&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;[8]&lt;br /&gt;मुक़द्दर आज़माना चाहते हैं&lt;br /&gt;तुम्हें अपना बनाना चाहते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तुम्हारे वास्ते क्या सोचते हैं&lt;br /&gt;निगाहों से बताना चाहते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गल़त क्या है जो हम दिल माँग बैठे&lt;br /&gt;परिन्दे भी ठिकाना चाहते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;परिस्थितियाँ ही अक्सर रोकतीं हैं&lt;br /&gt;मुहब्बत सब निभाना चाहते हैं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;बहुत दिन से इन आँखों में हैं आँसू&lt;br /&gt;'तुषार' अब मुस्कराना चाहते हैं&lt;br /&gt;***&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div align="center"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;-नित्यानन्द तुषार&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;span style="color:#660000;"&gt;&lt;div align="right"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href="http://www.nityaanandtushar.blogspot.com"&gt;मुखपृष्ठ पर पहुँचें&lt;/a&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' 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